
नवरात्रि 2026
शारदीय नवरात्रि की पूरी गाइड: मंत्र और आरती के साथ माँ दुर्गा के नौ स्वरूप, हर दिन का रंग, घटस्थापना मुहूर्त, रोज़ का पंचांग, दुर्गा पूजा और विजयादशमी।
त्योहारकोश · भारत के त्योहारों की गाइड
कौन-सा त्योहार कब है, उसी दिन क्यों है, और परिवार उसे कैसे मनाते हैं। त्योहारकोश त्योहारों की तिथियाँ, पूजा, व्रत और पंचांग की जानकारी सरल हिंदी और अंग्रेज़ी में एक जगह लाता है।
अब त्योहारकोश परनवरात्रि 2026 · 11–19 अक्टूबरतिथियाँ और पंचांग, नौ देवियाँ, पूजा विधि और गरबा की रातें→

त्योहार गाइड
हर त्योहार की अपनी विस्तृत गाइड है, उस साल के लिए जाँची हुई तिथियों के साथ।

शारदीय नवरात्रि की पूरी गाइड: मंत्र और आरती के साथ माँ दुर्गा के नौ स्वरूप, हर दिन का रंग, घटस्थापना मुहूर्त, रोज़ का पंचांग, दुर्गा पूजा और विजयादशमी।
धनतेरस (6 नवंबर) से भाई दूज (11 नवंबर) तक पाँचों दिन, नई दिल्ली का लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 5:54–7:50, सामग्री और पूजा विधि।
दिवाली 2026 गाइड खोलेंनई दिल्ली में चंद्रोदय रात 8:17, शहरवार चाँद निकलने का समय, पूजा मुहूर्त, सरगी और व्रत विधि।
करवा चौथ गाइड खोलेंनहाय खाय, खरना, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उषा अर्घ्य, शहरवार अर्घ्य समय के साथ।
छठ पूजा गाइड खोलेंमौसम के हिसाब से
भारत में लगभग हर मौसम में कोई न कोई त्योहार होता है। जिन त्योहारों की गाइड प्रकाशित है, उनके लिंक दिए हैं; बाकी हमारी सूची में हैं और एक-एक करके जोड़े जाएँगे।
दिसंबर से फ़रवरी
फ़रवरी से अप्रैल
जुलाई से सितंबर
सितंबर से नवंबर
महीने अनुमानित हैं, क्योंकि ज़्यादातर त्योहार चंद्र पंचांग से चलते हैं और हर साल थोड़ा आगे-पीछे होते हैं।
तिथि और पंचांग
ज़्यादातर भारतीय त्योहार हिंदू चंद्र पंचांग से चलते हैं, इसलिए उनकी तारीख हर साल बदलती है। पंचांग की कुछ बातें इसका कारण समझाती हैं, और हर त्योहार गाइड में उसी तारीख का असली समय दिया जाता है।

त्योहार किसी तय तारीख से नहीं, बल्कि चंद्र मास और तिथि से जुड़ा होता है, इसलिए हर साल उसकी तारीख बदलती है। अलग-अलग क्षेत्रीय पंचांगों में एक ही त्योहार एक दिन आगे-पीछे भी हो सकता है।
तिथि चंद्र दिवस है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच की दूरी से मापी जाती है। सूर्योदय के समय चल रही तिथि से आम तौर पर तय होता है कि त्योहार किस दिन मनाया जाएगा।
नवरात्रि गाइड में देखेंमुहूर्त किसी विधि, जैसे कलश स्थापना या विवाह, के लिए उपयुक्त माना जाने वाला समय है। हर मुहूर्त किसी खास तारीख और जगह के लिए निकाला जाता है।
नवरात्रि गाइड में देखेंहिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए स्थानीय सूर्योदय का समय त्योहार की तारीख और सुबह के मुहूर्त की शुरुआत तय कर सकता है।
नवरात्रि गाइड में देखेंकरवा चौथ और संकष्टी चतुर्थी जैसे कुछ व्रत चाँद देखने के बाद ही पूरे होते हैं, इसलिए उन दिनों चंद्रोदय का समय खास होता है।
नवरात्रि गाइड में देखेंरोज़ आने वाला लगभग डेढ़ घंटे का समय, जिसमें पंचांग की परंपरा के अनुसार कई परिवार ज़रूरी काम शुरू नहीं करते।
नवरात्रि गाइड में देखेंपरंपराएँ
हर त्योहार के पीछे ऐसे रीति-रिवाज़ हैं जिन्हें परिवार पीढ़ियों से निभाते आए हैं। त्योहारकोश पर ये बातें आपको बार-बार मिलेंगी।
ज़्यादातर त्योहारों का केंद्र, घर में एक दीये और फूलों से लेकर मंदिर की विस्तृत विधियों तक।
नवरात्रि से उदाहरणएक दिन या कई दिनों का उपवास या संकल्प, जिसके खाने के अपने नियम और पूरा करने का अपना तरीका होता है।
नवरात्रि से उदाहरणपहले भगवान को चढ़ाया जाने वाला और फिर बाँटा जाने वाला भोग। हर त्योहार, और अक्सर हर दिन, का अपना पारंपरिक भोग होता है।
नवरात्रि से उदाहरणकुछ त्योहारों के अपने रंग होते हैं, नवरात्रि के नौ रंगों से लेकर होली के रंगों तक।
नवरात्रि से उदाहरणएक ही त्योहार बंगाल, गुजरात, तमिलनाडु या पंजाब में बहुत अलग दिख सकता है। जहाँ ज़रूरी हो, हम ये अंतर बताते हैं।
नवरात्रि से उदाहरणसंगीत, नृत्य, मेले और सामूहिक आयोजन: गरबा की रातें, रामलीला, शोभायात्राएँ और बहुत कुछ।
नवरात्रि से उदाहरणसूची
हमारी ओर से एक बात
त्योहारकोश पर त्योहारों की जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है और उपलब्ध पंचांगों और त्योहार से जुड़े स्रोतों से जुटाई गई है। तिथि, तारीख, पूजा का समय और दूसरी बातें कभी-कभी जगह, परिवार द्वारा माने जाने वाले पंचांग और क्षेत्रीय परंपरा के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
जहाँ कोई समय जगह पर निर्भर करता है, वहाँ हम बताते हैं कि वह किस जगह के लिए है। कोई अनुष्ठान या पूजा तय करने से पहले समय से जुड़ी बातें अपने यहाँ ज़रूर मिला लें। हमारा मकसद काम की जानकारी देना है, किसी को भ्रम में डालना नहीं।
एक संस्कृति, अनेक परंपराएँ, और हर मौसम में उत्सव का कोई कारण।