करवा चौथ: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · चंद्रोदय रात 8:17 (नई दिल्ली)धनतेरस: शुक्रवार, 6 नवंबर · पूजा शाम 6:02 – 7:57दिवाली लक्ष्मी पूजा: रविवार, 8 नवंबर · शाम 5:54 – 7:50छठ पूजा: 13–16 नवंबर 2026

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छठ पूजा 2026

छठ पूजा 2026: तारीखें, खरना और अर्घ्य का समय

छठ पूजा 13 से 16 नवंबर 2026 तक है और संध्या अर्घ्य रविवार, 15 नवंबर को है। यहाँ चारों दिन, आपके शहर का अर्घ्य समय और सामग्री सूची दी गई है।

नदी किनारे भगवा ध्वज वाले मंदिर के पास डूबता सूरज, नारंगी रोशनी से चमकता पानी

छठ पूजा 2026 की तारीखें

नहाय खायशुक्रवार, 13 नवंबर 2026
खरनाशनिवार, 14 नवंबर 2026
संध्या अर्घ्य (मुख्य दिन)रविवार, 15 नवंबर 2026
उषा अर्घ्य और पारणसोमवार, 16 नवंबर 2026
षष्ठी तिथिरात 11:23 (14 नवंबर) – रात 2:00 (16 नवंबर)

छठ 2026 के चार दिन

छठ पूजा 2026 चार दिन का कार्यक्रम
दिनतारीखअनुष्ठानक्या होता है
पहला दिनशुक्र, 13 नवंबरनहाय खायपवित्र स्नान, घर की सफ़ाई; घी में बना एक समय का सात्विक भोजन कद्दू-भात (लौकी, चने की दाल और चावल)
दूसरा दिनशनि, 14 नवंबरखरना (लोहंडा)दिन भर व्रत; शाम को गुड़ की खीर, रोटी और केला प्रसाद के रूप में चढ़ाकर खाया जाता है; फिर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू
तीसरा दिनरवि, 15 नवंबरसंध्या अर्घ्यनदी या तालाब पर ठेकुआ, फल और गन्ने से भरे सूप के साथ डूबते सूर्य को अर्घ्य
चौथा दिनसोम, 16 नवंबरउषा अर्घ्य और पारणउगते सूर्य को अर्घ्य, फिर प्रसाद से व्रत खोलना

शहरवार अर्घ्य का समय

छठ 2026 शहरवार अर्घ्य समय
शहरसंध्या अर्घ्य (सूर्यास्त, 15 नवंबर)उषा अर्घ्य (सूर्योदय, 16 नवंबर)
पटनालगभग शाम 5:00लगभग सुबह 6:07
रांचीलगभग शाम 5:03लगभग सुबह 6:03
वाराणसीलगभग शाम 5:09लगभग सुबह 6:15
कोलकातालगभग शाम 4:52लगभग सुबह 5:49
लखनऊलगभग शाम 5:15लगभग सुबह 6:26
नई दिल्लीशाम 5:28लगभग सुबह 6:44
मुंबईलगभग शाम 5:59लगभग सुबह 6:46
बेंगलुरुलगभग शाम 5:49लगभग सुबह 6:18

ये समय IST में गणना किए गए सूर्यास्त और सूर्योदय हैं और स्थानीय पंचांग से एक-दो मिनट अलग हो सकते हैं। अर्घ्य सूर्य के क्षितिज छूने पर दिया जाता है, इसलिए घाट पर पहले पहुँचें।

छठ पूजा क्या है

छठ सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिन्हें सूर्य की बहन और बच्चों की रक्षा करने वाली माता माना जाता है। यह दिवाली के छह दिन बाद कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्र में, और ये समुदाय जहाँ भी रहते हैं वहाँ मनाया जाता है। यह उन गिने-चुने हिंदू पर्वों में है जिनमें उगते के साथ डूबते सूर्य की भी पूजा होती है।

यह व्रत अपने अनुशासन के लिए जाना जाता है: खरना के बाद का मुख्य व्रत लगभग 36 घंटे बिना पानी का होता है, और प्रसाद बहुत शुद्धता से, अक्सर आम की लकड़ी पर नए मिट्टी के चूल्हे पर बनाया जाता है।

छठ पूजा सामग्री सूची

  • बाँस का सूप और दउरा (टोकरी)
  • गेहूँ के आटे, गुड़ और घी से बना ठेकुआ
  • पत्तों वाला गन्ना, केला, नारियल, डाभ नींबू (गागल), मूली, अदरक और हल्दी के पौधे, शकरकंद, सिंघाड़ा
  • चावल के लड्डू (कसार), अरवा चावल, गुड़
  • दीये, घी, सिंदूर, व्रती के नए कपड़े, अर्घ्य के लिए ताँबे या पीतल का लोटा, दूध

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में छठ पूजा कब है?

छठ पूजा 2026 शुक्रवार 13 से सोमवार 16 नवंबर तक है। मुख्य दिन, जब संध्या अर्घ्य दिया जाता है, रविवार, 15 नवंबर है।

छठ 2026 के चार दिन कौन-से हैं?

13 नवंबर को नहाय खाय, 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उषा अर्घ्य व पारण।

15 नवंबर 2026 को संध्या अर्घ्य का समय क्या है?

अर्घ्य डूबते सूर्य को दिया जाता है। 15 नवंबर को पटना में सूर्यास्त लगभग शाम 5:00 बजे और नई दिल्ली में 5:28 बजे होगा।

16 नवंबर 2026 को उषा अर्घ्य का समय क्या है?

16 नवंबर को सूर्योदय पर अर्घ्य दिया जाएगा: पटना में लगभग सुबह 6:07 और नई दिल्ली में लगभग 6:44 बजे।

षष्ठी तिथि कब से कब तक है?

षष्ठी तिथि 14 नवंबर रात 11:23 बजे शुरू होकर 16 नवंबर 2026 को रात 2:00 बजे (IST) खत्म होगी।

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अपडेट: 2 अक्टूबर 2026