करवा चौथ: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · चंद्रोदय रात 8:17 (नई दिल्ली)धनतेरस: शुक्रवार, 6 नवंबर · पूजा शाम 6:02 – 7:57दिवाली लक्ष्मी पूजा: रविवार, 8 नवंबर · शाम 5:54 – 7:50छठ पूजा: 13–16 नवंबर 2026

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दिवाली 2026 · तीसरा दिन

लक्ष्मी पूजा 2026: मुहूर्त, सामग्री और पूजा विधि

दिवाली की लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। यहाँ नई दिल्ली और दूसरे शहरों का मुहूर्त, सामग्री सूची और आसान पूजा विधि दी गई है।

लक्ष्मी पूजा 2026 मुहूर्त (नई दिल्ली)

तारीखरविवार, 8 नवंबर 2026
लक्ष्मी पूजा मुहूर्तशाम 5:54 – 7:50
प्रदोष कालशाम 5:31 – 8:09
वृषभ काल (स्थिर लग्न)शाम 5:54 – 7:50
अमावस्या तिथिसुबह 11:27 (8 नवंबर) – दोपहर 12:31 (9 नवंबर)
निशीथ कालरात 11:39 – 12:31

सबसे शुभ समय वह माना जाता है जब तीन चीज़ें साथ हों: अमावस्या तिथि, प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) और वृषभ लग्न, जो स्थिर लग्न है। मान्यता है कि स्थिर लग्न में पूजा करने से लक्ष्मी घर में टिकती हैं। 2026 में दिल्ली में तीनों शाम 5:54 से 7:50 बजे तक साथ हैं।

दूसरे शहरों में प्रदोष काल लगभग कब शुरू होगा

प्रदोष काल स्थानीय सूर्यास्त से शुरू होता है। 8 नवंबर को सूर्यास्त लगभग कोलकाता में 4:55, पटना में 5:03, लखनऊ में 5:18, जयपुर में 5:39, चेन्नई में 5:40, बेंगलुरु में 5:50, अहमदाबाद में 5:57 और मुंबई में 6:01 बजे होगा। आपके शहर का मुहूर्त इन्हीं समयों के आसपास शुरू होगा; सटीक लग्न के लिए स्थानीय पंचांग देखें।

लक्ष्मी पूजा सामग्री

लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या तस्वीर, लाल कपड़ा और लकड़ी की चौकी, जल से भरा कलश, आम के पत्ते और नारियल, रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल), फूल और हो सके तो कमल, गेंदे की माला, घी और तेल के दीये, रुई की बत्ती, धूप-अगरबत्ती, कपूर, मिठाई (खीर, लड्डू, बताशे), खील-बताशे, फल, पान-सुपारी, सिक्के, नया बही-खाता या कलम, गंगाजल और पंचामृत।

लक्ष्मी पूजा विधि, एक-एक कदम

  1. तैयारी: घर साफ़ करें, दरवाज़े पर रंगोली बनाएँ और दीये रखें। पूर्व या उत्तर की ओर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएँ।
  2. कलश: चावल की छोटी ढेरी पर जल, सिक्का, आम के पत्ते और नारियल वाला कलश रखें।
  3. मूर्ति: अपनी ओर से बाईं तरफ़ गणेश और दाईं तरफ़ लक्ष्मी रखें, पास में कुबेर या बही-खाते रखें।
  4. संकल्प: परिवार के साथ बैठें, गंगाजल छिड़कें, हाथ में जल और अक्षत लेकर अपना नाम, गोत्र और परिवार के कल्याण की कामना बोलें।
  5. पहले गणेश पूजा: तिलक, अक्षत, फूल, दूर्वा और लड्डू चढ़ाएँ।
  6. लक्ष्मी पूजा: पंचामृत से प्रतीकात्मक स्नान कराएँ, कुमकुम, लाल फूल, कमल, मिठाई, खील-बताशे और सिक्के चढ़ाते हुए लक्ष्मी मंत्र बोलें।
  7. दीपदान: मुख्य घी का दीया जलाएँ, फिर हर कमरे, दरवाज़े, रसोई और तुलसी के पास दीये रखें।
  8. आरती: "ॐ जय लक्ष्मी माता" और गणेश आरती गाकर प्रसाद बाँटें।

हर परिवार की परंपरा अलग होती है। अगर आपके घर का अपना क्रम या मंत्र है, तो उसी का पालन करें; ऊपर दिया तरीका एक सरल सामान्य विधि है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का समय क्या है?

रविवार, 8 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे (1 घंटा 56 मिनट) है।

क्या लक्ष्मी पूजा आधी रात को कर सकते हैं?

हाँ। निशीथ काल की परंपरा मानने वाले 8 नवंबर की रात 11:39 से 12:31 बजे तक पूजा करते हैं।

अगर 7:50 तक पूजा न हो पाए तो क्या करें?

चिंता न करें। रात 8:09 तक पूरा प्रदोष काल शुभ है और अमावस्या रात भर रहती है, इसलिए शाम को बाद में श्रद्धा से की गई पूजा भी ठीक है।

लक्ष्मी पूजा में कौन-सा मंत्र बोलें?

"ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः" या सरल मंत्र "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" बोला जाता है, फिर "ॐ जय लक्ष्मी माता" आरती की जाती है।

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अपडेट: 2 अक्टूबर 2026