करवा चौथ: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · चंद्रोदय रात 8:17 (नई दिल्ली)धनतेरस: शुक्रवार, 6 नवंबर · पूजा शाम 6:02 – 7:57दिवाली लक्ष्मी पूजा: रविवार, 8 नवंबर · शाम 5:54 – 7:50छठ पूजा: 13–16 नवंबर 2026

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दिवाली 2026 · पहला दिन

धनतेरस 2026: पूजा मुहूर्त, खरीदारी का समय और यम दीपदान

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। यहाँ नई दिल्ली का पूजा समय, खरीदारी का सही समय, क्या खरीदें और यम दीपदान की विधि दी गई है।

धनतेरस 2026 तारीख और मुहूर्त

धनतेरसशुक्रवार, 6 नवंबर 2026
त्रयोदशी तिथिसुबह 10:30 (6 नवंबर) – सुबह 10:47 (7 नवंबर)
धनतेरस पूजा मुहूर्तशाम 6:02 – 7:57
प्रदोष कालशाम 5:33 – 8:09
वृषभ कालशाम 6:02 – 7:57
यम दीपदान6 नवंबर की शाम

मुहूर्त नई दिल्ली (IST) के लिए हैं। प्रदोष काल स्थानीय सूर्यास्त से शुरू होता है, इसलिए कोलकाता जैसे पूर्वी शहरों में यह पहले और मुंबई या अहमदाबाद में बाद में शुरू होगा।

धनतेरस का महत्व

धनतेरस या धनत्रयोदशी दिवाली का पहला दिन है, जो कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस दिन दो रूपों की पूजा होती है: धन के लिए माता लक्ष्मी और देवताओं के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर, और आरोग्य के लिए भगवान धन्वंतरि, जो समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए माने जाते हैं। भारत सरकार इसी दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी मनाती है।

धनतेरस पूजा विधि (आसान तरीका)

  1. पूजा स्थान और मुख्य द्वार साफ़ करें, दरवाज़े पर छोटी रंगोली बनाएँ।
  2. लाल या पीले कपड़े पर लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि (तस्वीर भी चलेगी) रखें और जल से भरा कलश रखें।
  3. घी का दीया जलाएँ, रोली, अक्षत, फूल, मिठाई और नई खरीदी हुई चीज़ें अर्पित करें।
  4. "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" या कुबेर मंत्र "ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः" का जाप करें।
  5. आरती करके प्रसाद बाँटें।

यम दीपदान

धनतेरस की शाम सरसों के तेल का चौमुखा दीया जलाकर मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखा जाता है, जो यमराज की दिशा मानी जाती है। यह परंपरा राजा हिम के पुत्र की कथा से जुड़ी है, जिसकी पत्नी ने रात भर द्वार पर दीये और गहने रखकर उसके प्राण बचाए थे। यह दीया परिवार की लंबी उम्र की कामना से जलाया जाता है।

धनतेरस पर क्या खरीदें

  • सोना-चाँदी: सिक्के, गहने या पूजा के लिए चाँदी की छोटी वस्तु।
  • बर्तन: पीतल, ताँबा या स्टील; इन्हें खाली नहीं, कुछ भरकर घर लाएँ।
  • नई झाड़ू: दरिद्रता दूर करने का प्रतीक मानी जाती है।
  • साबुत धनिया: पूजा में चढ़ाकर बाद में बोया जाता है या तिजोरी में रखा जाता है।
  • दिवाली पूजा का सामान: लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, दीये, कुबेर यंत्र।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में धनतेरस कब है?

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर सुबह 10:47 बजे खत्म होगी।

धनतेरस 2026 पर पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली में धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम 6:02 से 7:57 बजे तक है, जो प्रदोष काल (5:33 – 8:09) और स्थिर वृषभ लग्न में आता है।

धनतेरस 2026 पर सोना खरीदने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

परंपरा से खरीदारी त्रयोदशी तिथि में की जाती है, जो 2026 में 6 नवंबर सुबह 10:30 से 7 नवंबर सुबह 10:47 बजे तक है। कई परिवार शाम के पूजा मुहूर्त को चुनते हैं या राहु काल (दिल्ली में शुक्रवार को लगभग सुबह 10:41 – 12:03) से बचते हैं।

धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

सोने-चाँदी के सिक्के या गहने, पीतल या स्टील के बर्तन, नई झाड़ू, कुबेर यंत्र, दिवाली के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति और साबुत धनिया आम तौर पर खरीदे जाते हैं। कई लोग नुकीली चीज़ें, काले रंग की वस्तुएँ या खाली बर्तन खरीदने से बचते हैं।

2026 में यम दीपदान कब है?

यम दीपदान धनतेरस की शाम, 6 नवंबर 2026 को होगा: सरसों के तेल का चौमुखा दीया मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखा जाता है।

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अपडेट: 2 अक्टूबर 2026