दिवाली 2026 · चौथा दिन
गोवर्धन पूजा 2026: तारीख, मुहूर्त और अन्नकूट
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को हैं। यहाँ मुहूर्त, कथा और पूजा का तरीका दिया गया है।
गोवर्धन पूजा 2026 तारीख और मुहूर्त
समय नई दिल्ली (IST) के लिए हैं।
गोवर्धन पूजा की कथा
ब्रज के लोग वर्षा के देवता इंद्र की पूजा करते थे। बाल कृष्ण ने उनसे गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा, जो गायों को घास, पानी और आश्रय देता था। नाराज़ इंद्र ने सात दिन तक भारी वर्षा कराई। कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठा लिया और सबको उसके नीचे शरण दी, जब तक इंद्र ने अपनी भूल नहीं मानी। यह पर्व प्रकृति, गोवंश और विनम्रता का उत्सव है।
गोवर्धन पूजा कैसे करें
- आँगन में गोबर (या मिट्टी) से छोटा गोवर्धन पर्वत बनाकर फूलों से सजाएँ और कृष्ण की आकृति बनाएँ।
- दूध, दही, मिठाई, खीर और अन्नकूट के व्यंजन चढ़ाएँ, फिर गोवर्धन की सात बार परिक्रमा करें।
- गाय-बैलों को नहलाकर सजाएँ और भोजन कराएँ।
- मथुरा-वृंदावन में लाखों श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा करते हैं और मंदिरों में अन्नकूट के दर्शन होते हैं।
इसी दिन के दूसरे पर्व
गुजरात में यह बेसतु वरस यानी गुजराती नव वर्ष है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह बलि प्रतिपदा (पाड़वा) है, जब राजा बलि को याद किया जाता है और पति-पत्नी दिवाली पाड़वा मनाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2026 में गोवर्धन पूजा कब है?
गोवर्धन पूजा मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को है। प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर दोपहर 12:31 से 10 नवंबर दोपहर 2:00 बजे तक है।
गोवर्धन पूजा 2026 का मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली में 10 नवंबर को सुबह (प्रातःकाल) का मुहूर्त 6:40 से 8:50 बजे तक है।
2026 में गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन क्यों नहीं है?
अमावस्या 9 नवंबर दोपहर 12:31 तक है, इसलिए सूर्योदय के समय प्रतिपदा 10 नवंबर को ही मिलती है।
अन्नकूट क्या है?
अन्नकूट का अर्थ है "अन्न का पहाड़"। घरों और मंदिरों में कई तरह के व्यंजन, अक्सर 56 भोग, बनाकर गोवर्धन रूप में भगवान कृष्ण को चढ़ाए जाते हैं।
दिवाली 2026 के अगले दिन
अपडेट: 2 अक्टूबर 2026