करवा चौथ: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · चंद्रोदय रात 8:17 (नई दिल्ली)धनतेरस: शुक्रवार, 6 नवंबर · पूजा शाम 6:02 – 7:57दिवाली लक्ष्मी पूजा: रविवार, 8 नवंबर · शाम 5:54 – 7:50छठ पूजा: 13–16 नवंबर 2026

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दिवाली 2026 · दूसरा दिन

छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी 2026: तारीख और स्नान का समय

2026 में छोटी दिवाली दो तारीखों में बँटी है। यहाँ जानिए शाम के दीये कब जलाएँ, अभ्यंग स्नान कब करें और ऐसा क्यों है।

छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी 2026 की तारीख

चतुर्दशी तिथिसुबह 10:47 (7 नवंबर) – सुबह 11:27 (8 नवंबर)
छोटी दिवाली के दीये / यम दीपशनिवार, 7 नवंबर की शाम
काली चौदस7 नवंबर की रात
नरक चतुर्दशी अभ्यंग स्नानरविवार, 8 नवंबर, सूर्योदय (6:38) से पहले
8 नवंबर को चंद्रोदयलगभग सुबह 5:40

समय नई दिल्ली (IST) के लिए हैं। अभ्यंग स्नान परंपरा से चतुर्दशी के चंद्रोदय के बाद और सूर्योदय से पहले किया जाता है।

इस साल दो तारीखें क्यों हैं

चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को देर सुबह शुरू होकर 8 नवंबर सुबह 11:27 बजे खत्म होगी। शाम और रात के कार्य (दीये, काली चौदस) 7 नवंबर की शाम वाली तिथि के अनुसार होते हैं। भोर के तेल स्नान के लिए सूर्योदय पर चतुर्दशी चाहिए, जो 8 नवंबर को मिलती है। 8 नवंबर की शाम से पहले अमावस्या भी शुरू हो जाएगी, इसलिए उसी रात लक्ष्मी पूजा भी है और 8 नवंबर को दो पर्व पड़ रहे हैं।

नरकासुर की कथा

नरकासुर एक असुर राजा था जिसने देवताओं को परेशान किया और हज़ारों स्त्रियों को बंदी बनाया था। भगवान कृष्ण ने सत्यभामा के साथ चतुर्दशी के दिन उसका वध किया। मरते समय नरकासुर ने माँगा कि इस दिन को दीयों के साथ मनाया जाए, इसलिए इसे नरक चतुर्दशी कहते हैं और दक्षिण भारत में यही मुख्य दीपावली है। इसका एक नाम रूप चौदस भी है, क्योंकि इस दिन उबटन से स्नान कर रूप और सेहत की कामना की जाती है।

अभ्यंग स्नान कैसे करें

  1. सूर्योदय से पहले उठकर शरीर पर तिल का तेल लगाएँ।
  2. बेसन, हल्दी और थोड़े तेल या दूध का उबटन लगाकर स्नान करें।
  3. महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में नरकासुर-वध के प्रतीक के रूप में एक कड़वा फल (कारीट) पैर से फोड़ा जाता है।
  4. साफ़ या नए कपड़े पहनें और सूर्य को जल चढ़ाएँ।

छोटी दिवाली की शाम

7 नवंबर की शाम घर के दरवाज़े पर कुछ दीये और यम के लिए दक्षिण दिशा में एक दीया जलाया जाता है (कुछ परिवार 14 दीये जलाते हैं)। यह आखिरी सफ़ाई और मुख्य रात के लिए मिठाई बनाने का दिन भी है। गुजरात में यह रात काली चौदस की होती है, जब सुरक्षा के लिए हनुमान जी और माँ काली की पूजा होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में छोटी दिवाली कब है?

छोटी दिवाली के दीये शनिवार, 7 नवंबर 2026 की शाम जलाए जाएँगे, जब चतुर्दशी तिथि (7 नवंबर सुबह 10:47 से 8 नवंबर सुबह 11:27 तक) चल रही होगी।

2026 में नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान कब है?

तेल स्नान रविवार, 8 नवंबर 2026 को सूर्योदय से पहले किया जाएगा, जब चतुर्दशी तिथि मौजूद रहेगी। नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:38 बजे है, इसलिए स्नान उससे पहले भोर में होगा।

क्या 2026 में छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली एक ही दिन हैं?

आंशिक रूप से। नरक चतुर्दशी का सुबह का स्नान और मुख्य लक्ष्मी पूजा दोनों 8 नवंबर को हैं, लेकिन छोटी दिवाली के शाम के दीये आम तौर पर 7 नवंबर को जलाए जाएँगे।

काली चौदस 2026 कब है?

काली चौदस, जो मुख्य रूप से गुजरात में मनाई जाती है, 7 नवंबर 2026 की रात है, क्योंकि उस रात आधी रात को चतुर्दशी रहेगी।

दिवाली 2026 के अगले दिन

अपडेट: 2 अक्टूबर 2026