तिथियाँ और पंचांग
नवरात्रि 2026 की तिथियाँ: कैलेंडर और रोज़ का पंचांग
महालया 10 अक्टूबर से दशमी 21 अक्टूबर 2026 तक, नई दिल्ली के लिए रोज़ की तिथि, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और राहु काल।

रोज़ का पंचांग
समय नई दिल्ली के लिए भारतीय मानक समय (IST) में निकाला गया है। तिथि शुरू और खत्म होने का पल पूरे भारत में एक ही होता है, लेकिन सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के हिसाब से बदलते हैं। दूसरे पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है।
| तारीख / देवी | तिथि | सूर्योदय | सूर्यास्त | चंद्रोदय | राहु काल |
|---|---|---|---|---|---|
| शनिवार, 10 अक्टूबरमहालया | अमावस्या (रात 9:20 तक), फिर प्रतिपदा | सुबह 6:18 | शाम 5:57 | सुबह 5:49 | सुबह 9:13 – सुबह 10:40 |
| रविवार, 11 अक्टूबरमाँ शैलपुत्री | प्रतिपदा (रात 9:31 तक), फिर द्वितीया | सुबह 6:19 | शाम 5:56 | सुबह 6:47 | शाम 4:28 – शाम 5:56 |
| सोमवार, 12 अक्टूबरमाँ ब्रह्मचारिणी | द्वितीया (रात 10:13 तक), फिर तृतीया | सुबह 6:20 | शाम 5:54 | सुबह 7:46 | सुबह 7:46 – सुबह 9:13 |
| मंगलवार, 13 अक्टूबरमाँ चंद्रघंटा | तृतीया (रात 11:28 तक), फिर चतुर्थी | सुबह 6:20 | शाम 5:53 | सुबह 8:46 | दोपहर 3:00 – शाम 4:27 |
| बुधवार, 14 अक्टूबरमाँ कूष्मांडा | चतुर्थी | सुबह 6:21 | शाम 5:52 | सुबह 9:44 | दोपहर 12:07 – दोपहर 1:33 |
| गुरुवार, 15 अक्टूबरमाँ स्कंदमाता | पंचमी | सुबह 6:21 | शाम 5:51 | सुबह 10:41 | दोपहर 1:33 – दोपहर 2:59 |
| शुक्रवार, 16 अक्टूबरमाँ कात्यायनी | षष्ठी | सुबह 6:22 | शाम 5:50 | सुबह 11:34 | सुबह 10:40 – दोपहर 12:06 |
| शनिवार, 17 अक्टूबरमाँ कालरात्रि | सप्तमी | सुबह 6:23 | शाम 5:49 | दोपहर 12:22 | सुबह 9:14 – सुबह 10:40 |
| रविवार, 18 अक्टूबरमाँ महागौरी | सप्तमी (सुबह 8:28 तक), फिर अष्टमी | सुबह 6:23 | शाम 5:48 | दोपहर 1:05 | शाम 4:23 – शाम 5:48 |
| सोमवार, 19 अक्टूबरमाँ सिद्धिदात्री | अष्टमी (सुबह 10:52 तक), फिर नवमी | सुबह 6:24 | शाम 5:47 | दोपहर 1:44 | सुबह 7:49 – सुबह 9:15 |
| मंगलवार, 20 अक्टूबरविजयादशमी | नवमी (दोपहर 12:50 तक), फिर दशमी | सुबह 6:24 | शाम 5:46 | दोपहर 2:19 | दोपहर 2:56 – शाम 4:21 |
| बुधवार, 21 अक्टूबरबिजोया दशमी (बंगाल) | दशमी (दोपहर 2:12 तक), फिर एकादशी | सुबह 6:25 | शाम 5:45 | दोपहर 2:50 | दोपहर 12:05 – दोपहर 1:30 |
ज़रूरी मुहूर्त
| मुहूर्त | तारीख | समय (नई दिल्ली) |
|---|---|---|
| घटस्थापना मुहूर्त | रविवार, 11 अक्टूबर | सुबह 6:19 – सुबह 10:11 |
| अभिजीत मुहूर्त (घटस्थापना) | रविवार, 11 अक्टूबर | सुबह 11:44 – दोपहर 12:30 |
| संधि पूजा | सोमवार, 19 अक्टूबर | सुबह 10:28 – सुबह 11:16 |
| विजय मुहूर्त | मंगलवार, 20 अक्टूबर | दोपहर 1:59 – दोपहर 2:44 |
| अपराह्न पूजा का समय | मंगलवार, 20 अक्टूबर | दोपहर 1:13 – दोपहर 3:30 |
तिथि के शुरू और खत्म होने का समय
ये पल पूरे भारत में एक ही होते हैं (IST)।
| तिथि | शुरू | समाप्त |
|---|---|---|
| अमावस्या | शुक्रवार, 9 अक्टूबर, रात 9:36 | शनिवार, 10 अक्टूबर, रात 9:20 |
| प्रतिपदा | शनिवार, 10 अक्टूबर, रात 9:20 | रविवार, 11 अक्टूबर, रात 9:31 |
| द्वितीया | रविवार, 11 अक्टूबर, रात 9:31 | सोमवार, 12 अक्टूबर, रात 10:13 |
| तृतीया | सोमवार, 12 अक्टूबर, रात 10:13 | मंगलवार, 13 अक्टूबर, रात 11:28 |
| चतुर्थी | मंगलवार, 13 अक्टूबर, रात 11:28 | गुरुवार, 15 अक्टूबर, रात 1:13 |
| पंचमी | गुरुवार, 15 अक्टूबर, रात 1:13 | शुक्रवार, 16 अक्टूबर, रात 3:25 |
| षष्ठी | शुक्रवार, 16 अक्टूबर, रात 3:25 | शनिवार, 17 अक्टूबर, सुबह 5:54 |
| सप्तमी | शनिवार, 17 अक्टूबर, सुबह 5:54 | रविवार, 18 अक्टूबर, सुबह 8:28 |
| अष्टमी | रविवार, 18 अक्टूबर, सुबह 8:28 | सोमवार, 19 अक्टूबर, सुबह 10:52 |
| नवमी | सोमवार, 19 अक्टूबर, सुबह 10:52 | मंगलवार, 20 अक्टूबर, दोपहर 12:50 |
| दशमी | मंगलवार, 20 अक्टूबर, दोपहर 12:50 | बुधवार, 21 अक्टूबर, दोपहर 2:12 |
यह पंचांग कैसे पढ़ें
तिथि चंद्र दिवस है। आम तौर पर पर्व उस दिन मनाया जाता है जिस दिन सूर्योदय के समय उसकी तिथि हो, इसलिए "सूर्योदय पर तिथि" वाले कॉलम से ही नवरात्रि का हर दिन तय होता है।
सूर्योदय
हिंदू पंचांग में दिन आधी रात से आधी रात तक नहीं, बल्कि एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। पंचांग में सूर्योदय के समय चल रही तिथि को ही पूरे दिन की तिथि माना जाता है, इसलिए सूर्योदय का समय यह तय कर सकता है कि कोई त्योहार या व्रत किस तारीख को मनाया जाएगा।
कई मुहूर्त भी सूर्योदय से ही गिने जाते हैं, जैसे दिन के पहले हिस्से में पड़ने वाला सुबह का मुहूर्त। हर शहर में सूर्योदय अलग समय पर होता है, और साल भर में थोड़ा आगे-पीछे भी होता है, इसलिए पंचांग का समय हमेशा किसी खास जगह के स्थानीय सूर्योदय से निकाला जाता है।

नवरात्रि 2026 में (नई दिल्ली): ऊपर सूर्योदय वाले कॉलम में हर दिन का समय है। 11 अक्टूबर, घटस्थापना के दिन, सूर्योदय सुबह 6:19 है, और घटस्थापना मुहूर्त इसी से गिना जाता है।
राहु काल
राहु काल हर दिन आने वाला लगभग डेढ़ घंटे का समय है। हिंदू पंचांग की परंपरा में इसे राहु से जोड़ा जाता है, और पारंपरिक रूप से इसे कोई ज़रूरी या शुभ काम शुरू करने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, जैसे पूजा, बड़ी खरीदारी या यात्रा। कुछ परिवार इसका पूरा ध्यान रखते हैं, जबकि कुछ इसे नहीं मानते। जो काम पहले से चल रहा हो, उसे आम तौर पर रोका नहीं जाता।
इसे निकालने के लिए स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और हर वार के लिए तय एक भाग राहु काल माना जाता है। सूर्योदय और सूर्यास्त रोज़ और हर जगह बदलते हैं, इसलिए राहु काल का समय भी बदलता रहता है।

नवरात्रि 2026 में (नई दिल्ली): राहु काल वाले कॉलम में हर दिन का निकाला गया समय है। 11 अक्टूबर को यह शाम 4:28 – शाम 5:56 है, जो सुबह के घटस्थापना मुहूर्त से काफ़ी बाद है।
चंद्रोदय
चंद्रोदय वह समय है जब किसी जगह पर चाँद पूर्व दिशा में क्षितिज के ऊपर आता है। कई हिंदू व्रत चाँद देखने के बाद ही पूरे होते हैं। जैसे करवा चौथ और संकष्टी चतुर्थी पर चाँद को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है, इसलिए उन दिनों स्थानीय चंद्रोदय का समय सबसे ज़्यादा देखा जाता है।
औसतन चाँद हर दिन लगभग 50 मिनट देर से निकलता है, और सही समय इस पर भी निर्भर करता है कि आप कहाँ हैं। इसीलिए चंद्रोदय का समय उसी तारीख और शहर के लिए देखना चाहिए, किसी दूसरे दिन या जगह से नहीं।

नवरात्रि 2026 में (नई दिल्ली): नवरात्रि शुक्ल पक्ष में आती है, इसलिए चाँद हर दिन आधे घंटे से एक घंटे तक देर से निकलता है: 11 अक्टूबर को सुबह 6:47 और विजयादशमी, 20 अक्टूबर को दोपहर 2:19। नवरात्रि की मुख्य पूजाओं का समय चंद्रोदय से तय नहीं होता, इसलिए चंद्रोदय वाला कॉलम जानकारी के लिए दिया गया है।
2026 में सप्तमी तिथि दो सूर्योदयों (17 और 18 अक्टूबर) पर है। इसे तिथि वृद्धि कहते हैं। इसी कारण ज़्यादातर उत्तर भारतीय पंचांगों में दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों 19 अक्टूबर को हैं, और संधि पूजा उसी दिन देर सुबह होती है।